प्राथमिक विद्यालय परिसर बना तालाब, कीचड़ व पानी में होकर स्कूल पहुंचने को मजबूर नौनिहाल
ब्यूरो रिपोर्ट : राजन प्रजापति
महराजगंज रायबरेली। प्राथमिक विद्यालय पाली का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो ने सरकारी विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की हकीकत उजागर कर दी है। विद्यालय परिसर और प्रवेश मार्ग पूरी तरह जलमग्न नजर आ रहा है, जहां नौनिहाल छात्र-छात्राएं घुटनों तक भरे गंदे पानी से होकर स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं। वहीं वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बच्चे अपनी यूनिफॉर्म बचाने के लिए पैंट ऊपर मोड़कर और कई बच्चे नंगे पैर पानी के बीच होकर विद्यालय पहुंच रहे हैं। परिसर में चारों ओर जलभराव होने से बच्चों के फिसलने, चोटिल होने तथा जलजनित बीमारियों का खतरा बना हुआ है। इसके बावजूद मासूमों के पास इसी रास्ते से विद्यालय जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। चिंताजनक बात यह है कि विद्यालय परिसर में लगे हैंडपंप के चारों ओर भी पानी भरा हुआ है और बच्चे उसी जलभराव के बीच खड़े होकर पीने का पानी लेने को मजबूर दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में स्वच्छ पेयजल और बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, हल्की बारिश के बाद भी विद्यालय परिसर में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाती है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं कराया गया। बरसात शुरू होते ही हर वर्ष यही स्थिति बन जाती है, जिससे बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा दोनों प्रभावित होती हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इसी परिसर में ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) भवन, खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) का कार्यालय तथा प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। जहां स्वयं शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों का प्रतिदिन आना-जाना होता है, वहां यदि परिसर की यह स्थिति है तो अन्य विद्यालयों की व्यवस्था का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। थोड़ी सी बारिश में ही परिसर तालाब में तब्दील हो जाना जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग से तत्काल विद्यालय परिसर से जल निकासी कराने, हैंडपंप के आसपास की व्यवस्था दुरुस्त करने तथा भविष्य में जलभराव रोकने के लिए स्थायी समाधान कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मासूम बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना शासन और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।