बेटी को जमीन दान करने पर हंगामा, पहुंच गई पुलिस

बेटी को जमीन दान करने पर हंगामा, पहुंच गई पुलिस
बेटी को जमीन दान करने पर हंगामा,  पहुंच गई पुलिस 

ब्यूरो रिपोर्ट : राजन प्रजापति 

महराजगंज रायबरेली। उपनिबंधक कार्यालय परिसर में उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब एक वृद्ध पिता अपनी पुत्री के नाम जमीन का दानपत्र पंजीकृत कराने पहुंचे। दानपत्र की जानकारी मिलते ही बेटे और पोते ने इसका विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट तक पहुंच गया। बाद में पुलिस के हस्तक्षेप से स्थिति को नियंत्रित किया गया और दानपत्र की प्रक्रिया पूरी कराई गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुरैनी गांव निवासी हरिप्रसाद सोमवार को अपनी पुत्री संतोष कुमारी के नाम लगभग तीन बीघा जमीन का दानपत्र पंजीकृत कराने उपनिबंधक कार्यालय पहुंचे थे। इसकी भनक लगते ही उनका बेटा अंबिका प्रसाद और पोता विकास भी मौके पर पहुंच गए। बताया जा रहा है कि दानपत्र का विरोध करते हुए दोनों पक्षों के बीच पहले तीखी नोकझोंक हुई, जो कुछ ही देर में मारपीट में बदल गई। कार्यालय परिसर में हंगामा होते देख मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर कोतवाली भेज दिया। पुलिस की मौजूदगी में दानपत्र का पंजीकरण कराया गया। कोतवाली प्रभारी जगदीश यादव ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ शांति भंग की धाराओं में कार्रवाई करते हुए उन्हें एसडीएम न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई।

वहीं विरोध कर रहे पक्ष का आरोप है कि संतोष कुमारी ने बहला-फुसलाकर जमीन अपने नाम कराई है। उनका कहना है कि इस संबंध में उन्होंने अधिकारियों से शिकायत भी की थी, लेकिन इसके बावजूद दानपत्र पंजीकृत कर दिया गया। अब परिवार के भरण-पोषण को लेकर चिंता हो रही है। उनका कहना है कि परिवार की पुश्तैनी जमीन का बड़ा हिस्सा दान होने से उनके भविष्य पर असर पड़ेगा। घटना पूरे दिन क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही। लोगों के बीच बेटियों के संपत्ति अधिकार, पारिवारिक रिश्तों और जमीन विवाद को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं।